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कोरोना काल में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो मर्चेंट नेवी हो सकता है अच्छा विकल्प

कोरोना काल में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो मर्चेंट नेवी हो सकता है अच्छा विकल्प

अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Updated Sun, 18 Oct 2020 11:36 PM IST

कोरोना काल के चलते जहां एक ओर नौकरियों में अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं इस संकट के दौर में अच्छे करियर का सपना देखने वालों के लिए एक ऐसे पाठ्यक्रम का चुनाव जरूरी है जो भविष्य को उज्ज्वल बना सके, जिसमें नौकरियों की व्यापक संभावनाएं हों। ऐसा ही एक फील्ड है, मर्चेंट नेवी। हकीकत में मर्चेंट नेवी एक बहुप्रतीक्षित, आकर्षक और ग्लैमरस करियर है जिसके बारे में सोचते ही मालवाहक जहाज पर सवार दुनिया भर में सातों समुद्रों को पार करते हुए उच्च वेतन वाले अनुशासित और स्मार्ट नौजवानों की छवि सामने आती है।

अनुमान के मुताबिक, भारतीय या विदेशी जहाजों में कार्यरत सक्रिय भारतीय सीफेरर्स (नाविकों) की संख्या हाल के वर्षों में लगभग 45 प्रतिशत बढ़ी है। भारत सरकार अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 3.5 लाख नाविकों को नियुक्त करने की योजना बना रही है और इसका उद्देश्य शिपिंग उद्योग में नौकरियों को एक आकर्षक करियर विकल्प के रूप में बढ़ावा देना है। कोविड-19 के प्रकोप से प्रभावित इस संकटपूर्ण समय में मर्चेंट नेवी के कर्मचारी पूरे विश्व में वाणिज्यिक वस्तुओं के व्यापार का 90 फीसदी संभालते हैं। इस संदर्भ में समुद्री कौशल के निरंतर उन्नति की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ गई है।
मर्चेंट नेवी के जॉब प्रोफाइल्स में तकनीकी से लेकर गैर-तकनीकी वाले जॉब्स जैसे डेक अधिकारी, समुद्री इंजीनियर, शेफ्स या इंजन क्रू शामिल हैं। सही कोर्स का चयन करना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है।
मर्चेंट नेवी का कोर्स करवाने वाले ग्रेटर नोएडा स्थित इंटरनेशनल मेरिटाइम इंस्टिट्यूट (आईएमआई) को इंडियन रजिस्ट्रार ऑफ शिपिंग से ए1 ‘आउटस्टेंडिंग’ ग्रेडिंग मिला हुआ है। इस संस्थान में कैडेट्स को मेअर्स्क, एमएससी, फ्लीट मैनेजमेंट, पीआईएल, डोकेन्डेल शिप मैनेजमेंट, वीआर मेरिटाइम, दरिया शिपिंग, वी शिप्स एवं और भी कई प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ काम करने का अवसर मिलता है। वेतनमान आकर्षक है और अधिकांश देशों में कर-मुक्त है।

कौन कर सकता अप्लाई
यह पाठ्यक्रम उन उम्मीदवारों के लिए खुला है, जिन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार/संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन अथवा समकक्ष में तीन साल का डिप्लोमा या चार साल की डिग्री हासिल की है।

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